इश्क-आशिकी


                                   "किसी ख़ास के लिए"
                         
जीवन सुधा है तू ,
मृगनयनी
मेरे जीने की वजह है तू !!

    तेरे कस्तूरी ने हमे तुझ तक खिंचा है ,
    पलकों ने तेरे , हमे बांधे रखा है ,
    हमारे इस दिल को ,
    तेरे उस प्यार भरे झलक ने सींचा है !!

जिंदगी है ये छोटी सी ,
पल में खत्म हो जाएगी ,
दिलरुबा , चाह लिया अगर तुने ,
 कसम खुदा की ,
ये जिंदगी अमर हो जाएगी !!
जीवन सुधा है तू ..................................!

               बादल का रुख भी अजीब है ,
               बरसता हर जगह है ,
               भिगोता हर किसी को है ,
               पर जाने क्यूँ, हमसे इतना खफा है !
               जीवन सुधा है तू ...........................................!

इश्क की इस आंधी में ,
सूखे पत्ते की तरह है ,
हवा के झोके ने ,
जिसे इस तरह झकझोरा है ,
जो हर किसी ने दुत्कारा है ,
मोहब्बत के समंदर में ,
अपनी आशिकी ने ही नक्कारा है !
जीवन सुधा है तू......................................!

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